Mere Naseeb me…

This one is a song, prayer for a devotee, and leisure for one seeking his thoughts of destiny.

मेरे नसीब में तू है के नहीं
तेरे नसीब में मैं हूँ के नहीं
ये हम क्या जाने, ये वो ही जाने
जिसने लिखा है सबका नसीब

एक दिन ख्वाब में वो मुझे मिल गया
देखकर जो मुझे फूल सा खिल गया
शर्मा गई मैं, घबरा गई मैं
कहने लगा वो आकर करीब

बात ये ख्वाब की सच मगर हो गई
नौजवां मैं तुझे देखकर खो गई
आँखे मिली हैं, दिल भी मिले हैं
देखे मिले कब अपने नसीब

हम कहीं फिर मिले एक हसीं रात में
बात ये आ गई फिर किसी बात में
अब के हुआ ये, मैने कहा ये
मुझको बता दे मेरे हबीब

# Naseeb : Destiny # Khwab : Dream #Habib : Friend

I hope it will cherish and brighten the gallery of future. It will boost the energy to fulfill the desire.